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Teacher Day Celebration 2017
Event Start Date : 05/09/2017 Event End Date 05/09/2017

विद्यालय के पूर्व छात्र सूफी गायक विक्रम सिरोहीवाल ने एक शाम शिक्षकों के नाम की समर्पित
अध्यापक वह महान व्यक्तित्व है जो अपना सब कुछ अपने बच्चों के अन्दर देखता है। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा छिपी होती है। अध्यापक का कर्त्तव्य है कि वह उस प्रतिभा को पहचान कर उसे आसमान की बुलंदियों की ओर ले जाए ये शब्द डी0 ए0 वी0 संस्थाओं के क्षेत्रीय निदेशक डॉ0 धर्मदेव विद्यार्थी जी ने विद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह में कहे। विद्यार्थी जी ने कहा कि बच्चे का सबसे पहला गुरू माता होती है जो बच्चे के खाने से लेकर हर प्रकार का ख्याल रखती है उस के बाद शिक्षक एक ऐसा व्यक्ति होता है जो सिर्फ शिक्षा ही नहीं देता बल्कि दुनिया की समझदारी और सही गलत का अंतर बताता है। शिक्षक समाज का वो हिस्सा हैं जिनके कारण ही इस समाज का निर्माण होता है और बच्चे को बेहतर और सामाजिक बनाने का काम एक शिक्षक ही करता है। डॉ0 राधाकृष्णन के जन्म दिन को सिर्फ उनके जन्म दिन के रूप में नहीं बल्कि शिक्षकों के प्रति सम्मान और लोगों में शिक्षा के प्रति चेतना जागृत रहे इसलिए ये मनाया जाता है। डी0 ए0 वी0 शताब्दी पब्लिक स्कूल जीन्द में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में ‘एक शाम शिक्षक के नाम’ पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय के पूर्व छात्र सूफी गायकी में उभरते सितारे विक्रम सिरोहिवाल और उसकी टीम जो कि कई एलबम में अपनी सफल प्रस्तुति दे चुके हैं ने शिक्षकों को समर्पित एक शाम शिक्षक के नाम पर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए अपनी गायकी के माध्यम से उन्हें एक शाम समर्पित की। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर बच्चों ने संयुक्त रूप से शिक्षकों की आरती उतार कर तिलक लगाकर गुरूवन्दन किया और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया जो कि अपने आप में एक अनुठा कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षकों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। समारोह में विद्यालय ये पढ़े हुए छात्र जो आज विद्यालय में अध्यापन कार्य कर रहे हैं उनको भी सम्मान्नित किया गया। इस मौके पर पतंजलि समूह और एक्सिस बैंक जीन्द के सहयोग से स्कूल के सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों एवं अभिभावकों की उपस्थिति शानदार रहीं। अभिभावकों ने विक्रम सिरोहिवाल की सूफी गायकी का लुत्फ उठाया और अपने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। समारोह में उपस्थित डॉ0 कंवर सेन गोयल जी ने कहा कि गुरू -शिष्य का नाता माता-पिता से भी बढ़कर होता हैं गुरू को इस रिश्ते की मर्यादा का पालन करते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन की ओर नित प्रेरित करते रहना उनका परम कर्त्तव्य है। बच्चों को बिना किसी द्धेष -राग के सही मार्गपर चलने के लिए प्रेरित करें। डी0 ए0 वी0 विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ सर्वागींण विकास करने वाला अग्रणी विद्यालय है। समारोह में आशीर्वाद देने पहुँचे स्वामी धर्मदेव जी ने समारोह में उपस्थित विक्रम सिरोहिवाल ,उसके अभिभावकों और विद्यार्थियों और विद्यालय के सभी अध्यापकों को आशीर्वाद दिया और प्रेरित किया कि गुरू-शिष्य की परम्परा को इसी प्रकार निभाते रहें। डॉ0 धर्मदेव विद्यार्थी जी ने भी विक्रम के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ये उभरता सितारा भविष्य में जो भी मुकाम हासिल करना चाहता है उसे प्रभु उस मुकाम पर पहुँचाए। समारोह में कलीराम डी0 ए0 वी0 पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती रश्मि विद्यार्थी , डी0 ए0 वी0 नरवाना के प्राचार्य श्री रविन्द्र कौशिक ,भारत स्वाभिमान मंच व पतंजलि योग समिति के प्रभारी श्रीमान रामनारायण आर्य जी , एक्सिस बैंक जीन्द के मैनेजर निखिल गोयल जी , विक्रम सिरोहिवाल की बहन एच. सी. एस. कीर्ति सिरोहिवाल व उनके पति जज श्री सुनील पातलान जी उपस्थित थे। विक्रम के पिता जी श्री देवराज सिरोहिवाल जी ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि डी0 ए0 वी0 विद्यालय के द्वारा दी गई शिक्षा की वजह से ही हमारे बच्चे हर चुनौती को स्वीकार करने में सक्षम हुए हैं जिसका श्रेय डॉ0 धर्मदेव विद्यार्थी जी को जाता है।
सूफी गायकी के उभरते सितारे विक्रम सिरोहिवाल ने कहा कि आज मैं जिस मुकाम पर हूँ वह सब मेरे अध्यापकों की प्रेरणाओं से और उनके सही मार्गदर्शन के लिए इस स्थान पर पहुँचा हूँ। मैं अपने आप को धन्य मानता हूँ कि आज इस शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर उनकी सेवा में एक कार्यक्रम करने का अवसर मुझे मिला इसके लिए विक्रम ने डॉ0 विद्यार्थी जी का तहदिल से धन्यवाद व्यकत किया जिन्होंने ये मौका मुझे आज यहाँ दिया और शिक्षक को सम्मान देकर आज मुझे आत्म संतुष्टि का अनुभव हुआ।